Priya Jayagopi

My thoughts run free here…

एहसास

इतने पास फिर भी इतनी दूर 
इतना स्पष्ट फिर भी इतना कलंक 
कैसे बताऊँ मैं
इस एहसास का मतलब?
ऐसा चमत्कार मेरे ज़िन्दगी में आया 
मेरे मन का अँधेरा को साफ़ किया
अरे मोरा कान्हा!
सिर्फ आप है इसके कारण!

हे गोविंदा!
हे कृष्णा!
हे केशवा!
आपकी आशीर्वाद सदैव हम सब पर रहे!